मंगलवार, 5 अप्रैल 2022

अंतरिक्ष में सोलर पावर स्टेशन बनाने की तैयारी... जानिए ये कैसे काम करेगा #latestupdate

 ब्रिटिश सरकार अंतरिक्ष में सोलर पावर स्टेशन (Solar Power Station in Space) बनाने की योजना बना रही है. माना जा रहा है कि इसकी लागत करीब 1.58 लाख करोड़ रुपये आएगी. इसके पीछे मकसद है, अंतरिक्ष से सीधे ऊर्जा हासिल करने की ऐसी तकनीक जिसमें एक बार के बाद कोई लागत न लगे. साथ ही देश के नेट जीरो इनोवेशन पोर्टफोलियो (Net Zero Innovation Portfolio) को मजबूत किया जा सके.

ब्रिटिश सरकार अंतरिक्ष में सोलर पावर स्टेशन को ऊर्जा के क्षेत्र की ऐसी नई तकनीक मान रही है, जिससे एनर्जी तो मिलेगी ही, प्रदूषण भी नहीं होगा. साथ ही 2050 तक नेट जीरो कार्बन उत्सर्जन हासिल करने का लक्ष्य भी पूरा हो जाएगा. लेकिन मुद्दा ये है कि अंतरिक्ष में ये सोलर पावर स्टेशन काम कैसे करेंगे? इनसे किस तरह के फायदा मिल सकता है या फिर नुकसान हो सकता है
अंतरिक्ष से सौर ऊर्जा को जमा करके उसे धरती की तरफ ट्रांसफर करने वाले स्टेशन को अंतरिक्ष में स्थित सोलर पावर स्टेशन कहते हैं. ये आइडिया कोई नया नहीं है लेकिन लगातार हो रहे तकनीकी विकास की वजह से इसे हासिल करना अब आसान होता जा रहा है. इसके लिए एक सोलर पावर सैटेलाइट यानी एक बड़ी सैटेलाइट जिसपर ढेर सारे सोलर पैनल्स लगे हो. जो धरती पर हाई फ्रिक्वेंसी की रेडियो वेव्स तेजी से भेज सके. एक ग्राउंड एंटीना जिसे रेक्टीना (Rectenna) कहा जा रहा है, वो तैनात हो. यह एंटीना ही रेडियो तरंगों को बिजली में बदलकर उसे पावर ग्रिड तक ट्रांसफर कर दे. 

रिश्तों की मजबूती के लिए जरूरी हैं ये बातें, हमेशा रखें ध्यान नई पोस्ट

 

आचार्य चाणक्य ने अपने नीति शास्त्र में रिश्चों को मजबूत बनाने के लिए इन बातों को ध्यान रखने का अनुरोध किया है।
राजनीति शास्त्र के आचार्य रहे आचार्य चाणक्य की बातें एक सफल जीवन के लिए काफी जरूरी होती हैं। उनकी बातें भले सुनने में काफी कठोर होती हैं लेकिन यदि उन्हें आत्मसात किया जाए तो एक सफल जीवन जिया जा सकता है। हम लोग भागदौड़ भरी जिंदगी में इन विचारों को भले ही नजरअंदाज कर दें लेकिन ये वचन जीवन की हर कसौटी पर आपकी मदद करेंगे। आचार्य चाणक्य ने अपनी नीतियों में रिश्तों की मजबूती के लिए चार बातों का विशेष ध्यान रखने के लिए कहा है

आचार्य चाणक्य के मुताबिक, हर किसी को खुश रखना संभव नहीं है लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि छल और कपट के जरिए रिश्ते में मजबूती लाई जाए। छल और कपट से रिश्तों की नींव कमजोर होती है।

आचार्य चाणक्य बताते हैं कि रिश्ते को मजबूत बनाने के लिए प्यार और विश्वास का होना बेहद जरूरी है।

यूक्रेन की जंग में 'जीत' हासिल कर चुकी है रूसी सेना, समझें पुतिन का एंड गेम, भारत के लिए सबक latestupdate

 यूक्रेन में जारी भीषण जंग का आज 40वां दिन है और रूसी सेना राजधानी कीव से पीछे हटकर दोनबास के इलाके पर फोकस कर रही है। पश्चिमी देशों का दावा है कि रूस की सेना यूक्रेन में जंग हार रही है। वहीं हकीकत इससे उलट दिखाई पड़ रहा है। रक्षा मामलों के चर्चित विशेषज्ञ ब्रह्मा चेलानी ने फ्रांसीसी रक्षा मंत्रालय के नक्‍शे के हवाले से बताया कि रूसी सेना यूक्रेन में काफी बढ़त बना चुकी है और अपने लक्ष्‍य के काफी करीब पहुंच चुकी है। उन्‍होंने कहा कि पुतिन नाटो और रूस के बीच एक बफर जोन बनाना चाहते थे और उसे अब वह हासिल कर चुके हैं। आइए समझते हैं पूरा मामला क्या है

ब्रह्मा चेलानी ने ट्वीट करके कहा, 'छोटे देशों में बड़ी शक्तियों का हस्‍तक्षेप बहुत ही विनाशकारी रहा है। साल 1991 में अमेरिकी सेना ने 42 दिनों तक लगातार बमबारी करके सबसे पहले इराक के सैन्य और नागरिक आधारभूत ढांचे को तबाह कर दिया। इसके बाद अमेरिका की सेना जमीनी हमले शुरू किए। नाटो के साल 2011 के घातक युद्ध की वजह से लीबिया अभी भी एक फेल राष्‍ट्र है।' उन्‍होंने कहा कि यूक्रेन की जंग में आज 40वां दिन है और पश्चिमी देशों के दावों के विपरीत पुतिन यूक्रेन में अपने लक्ष्‍य की ओर बढ़ रहे हैं।
चेलानी ने कहा कि रूस ने क्रीमिया के लिए एक जमीनी कॉरिडोर बनाने में सफलता हासिल कर ली है। रूस ने अजोव के तट पर कब्‍जा कर लिया है। यही नहीं रूस ने काला सागर के ज्‍यादातर इलाके पर कब्‍जा लिया है। उन्‍होंने कहा कि ऐसा लग रहा है कि पुतिन का अंतिम लक्ष्‍य नाटो के खिलाफ एक रणनीतिक बफर जोन का निर्माण करना है। चेलानी ने सवाल किया कि क्‍या पुतिन अब काला सागर के बचे हुए इलाके पर कब्‍जा करने की कोशिश करेंगे? उन्‍होंने कहा कि किसी भी सूरत में रूस अब जमीनी कब्‍जे को खाली नहीं करेगा।
रक्षा विशेषज्ञ ने कहा कि अमेरिकी राष्‍ट्रपति जो बाइडन लगातार चीन के उदय को मदद कर रहे हैं। इसमें कड़े प्रतिबंध लगाकर रूस को चीन का जूनियर पार्टनर बनाना शामिल है। बाइडन के उप राष्‍ट्रीय सुरक्षा सलाहकार कह चुके हैं कि रूस इस रिश्‍ते में अब चीन का जूनियर पार्टनर बनने जा रहा है। उन्‍होंने कहा कि अमेरिका लगातार रूस पर प्रतिबंध लगा रहा है जिससे वह चीन की तरफ जाने को मजबूर होगा। अमेरिका ने यह भी कहा है कि भारत एक रणनीतिक पार्टनर के रूप में रूस पर भरोसा नहीं कर सकता है।

🚁 केदारनाथ में दर्दनाक हेलीकॉप्टर हादसा! मासूम बच्चे समेत 5 की मौत, श्रद्धालुओं में मातम

 केदारनाथ (उत्तराखंड): चारधाम यात्रा के पवित्र स्थल केदारनाथ से दुखद खबर सामने आई है। आज सुबह गौरीकुंड से केदारनाथ जा रहा एक हेलीकॉप्टर क्रै...