रविवार, 6 फ़रवरी 2022

थम गई सरगम, बिखर गए सुर, चली गईं स्वर कोकिला लता के निधन पर 2 दिन का राष्ट्रीय शोक, शिवाजी पार्क में होगा अंतिम संस्कार

 थम गई सरगम, बिखर गए सुर, चली गईं स्वर कोकिला

15 अगस्त 1963, भारत-चीन युद्ध का दर्द, लाल किले के मंच  से लता मंगेशकर ने गाना शुरू किया, 'ऐ मेरे वतन के लोगों जरा आंख में भर लो पानी', और गीत समाप्त होते-होते प्रधानमंत्री नेहरू सहित मौजूद लोगों की आंखें छलछला आईं। देश में अलख जगाने के लिए सुरों का ऐसा सौंदर्य, ऐसी मधुर आवाज, अफसोस! अब ये आवाज नहीं गूंजेगी। 6 फरवरी के बदनसीब दिन थम गई सरगम, बिखर गए सुर, चली गईं देश का गौरव स्वर कोकिला लता मंगेशकर!

लता के निधन पर 2 दिन का राष्ट्रीय शोक, शिवाजी पार्क में होगा अंतिम संस्कार

भारत रत्न लता मंगेशकर के निधन पर केंद्र सरकार ने 2 दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित कर दिया है। उनके सम्मान में 2 दिनों तक राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा। लता दीदी के घर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। उनका अंतिम संस्कार पूरे राष्ट्रीय सम्मान के साथ होगा। उनका पार्थिव शरीर मिलिट्री वाहन में अंतिम यात्रा पर निकलेगा। मुंबई के शिवाजी पार्क में उनका अंतिम संस्कार होगा।

श्रद्धांजलि: स्वर कोकिला की जादुई आवाज मोह लेती थी सबका मन

देश की 'नाइटिंगल' लता मंगेशकर ने आज सुबह अंतिम सांस ली। 28 सितंबर, 1929 को इंदौर (MP) में जन्मी लता ने 36 भाषाओं में 50 हजार गाने गाए हैं, जो किसी के लिए भी एक रिकॉर्ड है। करीब 1000 से ज्यादा फिल्मों में अपनी आवाज दी। एक समय था (1960 से 2000) जब लता की आवाज के बिना फिल्में अधूरी मानी जाती थीं। 2000 के बाद उन्होंने फिल्मों में गाना कम कर दिया। उनका आखिरी गाना 2015 में आई फिल्म डुन्नो वाय में था।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

🚁 केदारनाथ में दर्दनाक हेलीकॉप्टर हादसा! मासूम बच्चे समेत 5 की मौत, श्रद्धालुओं में मातम

 केदारनाथ (उत्तराखंड): चारधाम यात्रा के पवित्र स्थल केदारनाथ से दुखद खबर सामने आई है। आज सुबह गौरीकुंड से केदारनाथ जा रहा एक हेलीकॉप्टर क्रै...